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कामायनी

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SKU MP1355

जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी सन् 1890 में काशी के सराय गोवर्धनन में हुआ था। प्रसाद जी की प्रारम्भिक शिक्षा काशी में हुई जिसके बाद उनकी शिक्षा का प्रबंध् घर पर ही किया गया जहाँ उन्होंने संस्कृत, हिन्दी, उर्दू तथा फारसी का अध्ययन किया। उन्हें हिन्दी कवि, नाटककार, उपन्यासकार और बहुत सी उपाधियों के साथ सम्मानित किया गया। 15 नवम्बर 1937 में उनका क्षय रोग के कारण काशी में निधन हो गया। प्रस्तुत महाकाव्य ‘कामायनी’ द्वारा प्रसाद जी ने वैदिक कथाओं का अनुसरण कर छायावाद युग में प्रलय के बाद मनु और श्रद्धा का विवरण कर चिंता से आनंद तक मनुष्य के समस्त भावों का जिक्र किया है। ‘कामायनी’ को तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ के बाद दूसरा महाकाव्य माना जाता है।

Author
Jaishankar Prasad

Age Group
15+ Years

Language
Hindi

Number Of Pages
136