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SKU MP413

मुंशी प्रेमचंद का नाम धनपत राय था। मुंशी जी का जन्म 31 जुलाई सन् 1880 में बनारस के पास लमही नामक गाँव में हुआ था। मध्यम परिवार में जन्म लेने के कारण अभाव और असुविधाओं के बीच जन-जीवन को उन्होंने बहुत ही गहराई से देखा। अपना जीवन उन्होंने साहित्य के प्रति समर्पित कर दिया। उन्हें महान उपन्यासकार, कथाकार और बहुत सी उपाधियों से सम्मानित किया गया। 8 अक्टूबर सन् 1936 को मुंशी जी का बीमारी के कारण निधन हो गया। यह उपन्यास प्रेमचंद द्वारा लिखित एक लोकप्रिय उपन्यास है। विरजन एक सुंदर युवती है जो अपने माता-पिता के असामयिक मृत्यु के कारण अपने मुंहबोले चाचा-चाची के घर में रहने लगती है। बचपन से एकसाथ रहने के कारण मुंहबोला भाई प्रताप उससे प्रेम करने लगता है। परंतु विरजन को इस भाव का पता नहीं चल पाता है और उसकी शादी किसी अच्छे घर में हो जाती है। विरजन का पति कमला जो एक रसिक और विलासी पुरुष है, सुंदरता पर मोहित हो जाता है परंतु एक दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो जाती है। बाद में जब विरजन को पता चलता है प्रताप उससे प्रेम करता था तब उसे दुःख होता है।

Author
Premchand

Age Group
15+ Years

Language
Hindi

Number Of Pages
184